बलरामपुर/वाड्राफनगर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेंडारी में पदस्थ अतिथि शिक्षक राजपति यादव की नियुक्ति को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम कोट राही, पोस्ट वाड्राफनगर निवासी रामबरन यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित अतिथि शिक्षक मूल रूप से मध्यप्रदेश के निवासी हैं और कथित रूप से फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर छत्तीसगढ़ में नियुक्ति हासिल की है।
शिकायत में दावा किया गया है कि राजपति यादव वर्ष 2016 में मध्यप्रदेश के निवासी के रूप में विद्या मितान बनकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पशुपतिपुर में तीन शैक्षणिक सत्र तक कार्यरत रहे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके सभी शैक्षणिक दस्तावेज मध्यप्रदेश के हैं, जिनकी जांच कराई जानी चाहिए।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2019 में जब छत्तीसगढ़ शासन ने विद्या मितानों को निर्धारित नियमों के तहत अतिथि शिक्षक के रूप में समायोजित किया, तब केवल छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासियों को पात्र माना गया था। आरोप है कि इसी दौरान राजपति यादव ने कथित रूप से जाली एवं फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार कराकर अतिथि शिक्षक के रूप में चयन प्राप्त कर लिया।
शिकायतकर्ता ने यह भी उल्लेख किया है कि 23 अगस्त 2025 को दिए गए कथित बयान में स्वयं राजपति यादव ने मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना स्वीकार किया था। शिकायत में कहा गया है कि यदि यह तथ्य सही है तो उनकी नियुक्ति भर्ती नियमों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
आवेदन में भर्ती नियम 2019 का हवाला देते हुए कहा गया है कि कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि छत्तीसगढ़ में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने पर दूसरे राज्य के अभ्यर्थी को अतिथि शिक्षक नियुक्त किया जा सकता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति की गई है, जिससे पात्र स्थानीय अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं।
रामबरन यादव ने बताया है कि इस मामले को लेकर पूर्व में 27,8,2026 को मयंक सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी बलराम पुर को शिकायत किया गया था जिस पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया।वही आवेदक ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अतिथि शिक्षक की सेवा तत्काल समाप्त की जाए तथा कथित दस्तावेजी फर्जीवाड़े के संबंध में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया जाए।
शिकायत के साथ कथित बयान की प्रति, वर्ष 2019 के भर्ती नियमों की प्रति तथा संबंधित शैक्षणिक दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।
ऐसे में अब देखना होगा कि इतने बड़े मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी इस पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ क्या कार्यवाही करते हैं ।












