तिरपाल, कैप कवर और CCTV खरीदी का जिम्मा अपेक्स बैंक को सौंपने पर जिला बैंक अध्यक्षों में नाराजगी, स्थानीय स्तर पर खरीदी की मांग
रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले ही सहकारिता व्यवस्था में विवाद गहरा गया है। प्रदेश के 3160 धान उपार्जन केंद्रों और 2573 सहकारी समितियों के लिए तिरपाल, कैप कवर, CCTV कैमरे सहित अन्य सामग्री की केंद्रीकृत खरीदी अपेक्स बैंक के माध्यम से कराए जाने का जिला सहकारी बैंकों और पैक्स समितियों ने विरोध किया है।
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि समितियां शासन के भंडार क्रय नियमों के तहत अपनी जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर सामग्री खरीदती रही हैं। ऐसे में खरीदी का अधिकार अपेक्स बैंक को सौंपना उनकी स्वायत्तता को सीमित करने वाला कदम है। उन्होंने मांग की है कि समितियों को पूर्व की तरह नियमानुसार स्वयं खरीदी करने की स्वतंत्रता दी जाए।
दुर्ग जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने कहा कि सभी छह जिला बैंक अध्यक्ष समितियों की स्वायत्तता बनाए रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तिरपाल कई वर्षों तक उपयोग में आ सकते हैं, तो हर साल केंद्रीकृत खरीदी की जरूरत का आकलन कैसे किया जा रहा है?
वहीं, बस्तर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप ने कहा कि बस्तर के कई धान खरीदी केंद्र दुर्गम क्षेत्रों में हैं। केंद्रीकृत आपूर्ति व्यवस्था से समय पर सामग्री पहुंचने में परेशानी हो सकती है। पहले समितियां स्थानीय स्तर पर तत्काल जरूरत की सामग्री जुटा लेती थीं, लेकिन टेंडर आधारित व्यवस्था में देरी की आशंका है।
पंजीयक ने क्या कहा?
सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं रमेश शर्मा ने कहा कि उनके समय में ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। विरोध की जानकारी मिलने पर उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सहकारिता विभाग समितियों की आपत्तियों को देखते हुए खरीदी व्यवस्था की समीक्षा करेगा? धान खरीदी से पहले इस विवाद का समाधान जरूरी है, ताकि पारदर्शिता के साथ-साथ सभी केंद्रों तक समय पर आवश्यक सामग्री पहुंच सके।





