पालको से लाखों रूपये ऐंठने के बाद मिली “CBSE मान्यता !” – बिलासपुर में नारायणा ई-टेक्नो स्कूल ने स्वयं किया खुलासा

Spread the loveबिलासपुर।शहर के निजी शिक्षा क्षेत्र में तेजी से उभरा Narayana e-Techno School अब गंभीर आरोपों के घेरे में है। स्कूल की शुरुआत को भले ही एक साल हुआ हो, लेकिन शुरुआत से ही इस पर मान्यता, फीस वसूली और शिक्षा के अधिकार कानून के उल्लंघन जैसे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।CBSE का…

Spread the love


बिलासपुर।
शहर के निजी शिक्षा क्षेत्र में तेजी से उभरा Narayana e-Techno School अब गंभीर आरोपों के घेरे में है। स्कूल की शुरुआत को भले ही एक साल हुआ हो, लेकिन शुरुआत से ही इस पर मान्यता, फीस वसूली और शिक्षा के अधिकार कानून के उल्लंघन जैसे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
CBSE का नाम, पर मान्यता बाद में – अभिभावकों के साथ धोखा?
सबसे बड़ा आरोप यही है कि स्कूल ने CBSE पैटर्न और ब्रांड का हवाला देकर अभिभावकों से एडमिशन लिया, जबकि उस समय स्कूल के पास आधिकारिक CBSE मान्यता नहीं थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि
लगभग एक साल बाद ही CBSE मान्यता मिलने की बात खुद स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार की गई।
अभिभावकों का साफ कहना है:
“अगर हमें पहले पता होता कि स्कूल को मान्यता नहीं है, तो हम बच्चों का एडमिशन यहां नहीं कराते।”
इससे यह सवाल खड़ा होता है कि
क्या पूरे एक साल तक भ्रामक जानकारी देकर लाखों रुपये वसूले गए?
“CBSE स्कूल” के नाम पर मोटी फीस – वित्तीय गड़बड़ी के संकेत
आरोपों के मुताबिक:
बिना वैध मान्यता के स्कूल संचालन
CBSE के नाम पर भारी फीस वसूली
प्रशासनिक और सोसाइटी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी
इससे दस्तावेजी हेरफेर और वित्तीय अनियमितता की आशंका भी जताई जा रही है।
RTE Act 2009 की अनदेखी? 25% आरक्षण पर बड़ा सवाल
शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत निजी स्कूलों में 25% सीटें EWS वर्ग के बच्चों के लिए अनिवार्य होती हैं।
लेकिन आरोप हैं कि:
अब तक एक भी बच्चे को इस योजना का लाभ नहीं दिया गया
गरीब और स्थानीय परिवारों को प्रवेश से वंचित रखा गया
अगर यह सही पाया गया, तो यह सीधा कानूनी उल्लंघन होगा
नारायणा ग्रुप पहले भी कई शहरों में विवादों में रह चुका है:
लखनऊ: स्टाफ से मारपीट, FIR
इंदौर: यूनिफॉर्म/किताब जबरन बेचने पर कार्रवाई
नागपुर: मान्यता जांच
लातूर: नियम उल्लंघन पर जुर्माना
क्या बिलासपुर भी उसी पैटर्न का हिस्सा है?
स्थानीय स्तर पर आक्रोश – “शिक्षा नहीं, व्यवसाय बन गया”
अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
लोगों का कहना है कि:
शिक्षा के नाम पर व्यवसाय हावी हो रहा है
पारदर्शिता की भारी कमी है
प्रशासन को तुरंत दखल देना चाहिए
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
स्कूल की मान्यता और दस्तावेजों की जांच हो
फीस वसूली की ऑडिट कराई जाए
RTE का 25% आरक्षण लागू कराया जाए
दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो
फिलहाल इस मामले में स्कूल प्रबंधन का विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हालांकि, CBSE मान्यता बाद में मिलने की बात स्वीकार किए जाने की चर्चा जरूर है।
यह मामला सिर्फ एक स्कूल का नहीं, बल्कि** पूरे **निजी शिक्षा सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल है।
अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह
**अभिभावकों के साथ विश्वासघात और कानून का खुला उल्लंघन माना जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

SURESH KHARE

WORLD ONE NEWS AD AGENCY (OPC) PRIVATE LIMITED). The organization is founded and led by Karan Aadle, who serves as owner and director. Contact 📞 Owner: Karan Aadle 📱 Mobile: +91 94791 32382

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed